1. सवाल: दिवाली कब है? 20 या 21 अक्टूबर?
जवाब: ज्योतिषीय गणना के अनुसार, मुख्य दीपावली और लक्ष्मी पूजा सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी।
इसकी मुख्य वजह यह है कि अमावस्या तिथि भले ही 21 अक्टूबर तक चल रही हो, लेकिन पूजा के लिए सबसे शुभ समय, यानी प्रदोष काल (शाम का समय), 20 अक्टूबर को ही अमावस्या तिथि के अंतर्गत आ रहा है।
2. सवाल: लक्ष्मी पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त (Best Time) क्या है?
जवाब: 20 अक्टूबर 2025 को लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे उत्तम और स्थिर मुहूर्त प्रदोष काल में रहेगा:
- लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त: {शाम 7:08 बजे से 8:18 बजे तक}
यह वह समय है जब देवी लक्ष्मी की कृपा स्थायी रूप से घर में वास करती है, इसलिए पूजा इसी दौरान करनी चाहिए।
3. सवाल: दिवाली पाँच दिन का त्योहार क्यों होता है?
जवाब: दीपावली वास्तव में पाँच अलग-अलग पर्वों का समूह है, जो हर दिन एक विशेष महत्व रखता है:
- धनतेरस: स्वास्थ्य और धन के देवता धन्वंतरि और कुबेर की पूजा।
- छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी): भगवान कृष्ण की बुराई पर जीत का प्रतीक।
- मुख्य दिवाली (लक्ष्मी पूजा): अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत (भगवान राम की वापसी)।
- गोवर्धन पूजा: भगवान कृष्ण द्वारा इंद्र के अहंकार को तोड़ने का पर्व।
- भाई दूज: भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार।
4. सवाल: दिवाली पर लक्ष्मी पूजा क्यों की जाती है?
जवाब: दीपावली को मुख्य रूप से धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी की पूजा का दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जो भक्त उन्हें स्वच्छ और प्रकाशित घरों में विधि-विधान से पूजते हैं, उनके घर में वह पूरे वर्ष वास करती हैं। इसके साथ ही, पूजा में भगवान गणेश को भी शामिल किया जाता है, जो बुद्धि और शुभता के देवता हैं।
5. सवाल: दिवाली पर क्या खरीदना सबसे शुभ माना जाता है?
जवाब: दीपावली का उत्सव धनतेरस से शुरू होता है, और इस दिन निम्नलिखित चीजें खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है:
- धातु: सोना, चांदी या पीतल/तांबे के बर्तन।
- झाड़ू: इसे मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है, जो घर से दरिद्रता को दूर करती है।
- खील-बताशे और नए वस्त्र: जिन्हें पूजा में चढ़ाया जाता है।
- मां लक्ष्मी और गणेश जी की नई मूर्ति या तस्वीर।
अगर आपके मन में दिवाली से जुड़े कोई और सवाल हों, तो आप पूछ सकते हैं!


