आज, शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को, देशभर में धनतेरस का पावन पर्व मनाया जा रहा है। दिवाली के इस शुभारंभ के अवसर पर, सोना और चांदी खरीदना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। लेकिन इस साल धनतेरस पर धातु बाजार में गहमा-गहमी कुछ ज़्यादा ही है, क्योंकि वैश्विक बाजारों में सोना पिछले सत्र में रिकॉर्ड ऊँचाई पर पहुँच गया था।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस मजबूत वैश्विक संकेत और प्रचंड त्योहारी मांग के कारण आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी देखने को मिल सकती है।
क्यों है सोने-चांदी की इतनी ज़्यादा मांग?
धनतेरस पर धातु खरीदने की परंपरा के पीछे गहरा धार्मिक और आर्थिक विश्वास है। लोगों का मानना है कि इस दिन किया गया निवेश तेरह गुना होकर लौटता है।
- सोना: इसे धन की देवी लक्ष्मी और शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। यह वित्तीय स्थिरता (Financial Stability) के लिए सबसे सुरक्षित निवेश है।
- चांदी: यह भगवान धन्वंतरि और शीतलता का प्रतीक है। बर्तन के रूप में चांदी खरीदना उत्तम स्वास्थ्य और घर में अन्न-धन की पूर्णता सुनिश्चित करता है।
रिकॉर्ड तोड़ तेज़ी के तीन मुख्य कारण
आज भारतीय बाजार में जो उछाल देखने को मिल सकता है, उसके पीछे घरेलू मांग के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों का भी बड़ा हाथ है:
1. रिकॉर्ड तोड़ वैश्विक भाव (International Price)
पिछले सत्र में, सोने की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गईं। इसका मुख्य कारण मध्य-पूर्व में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव है। जब भी दुनिया में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाजार या डॉलर से पैसा निकालकर सोने जैसे ‘सुरक्षित निवेश’ (Safe Haven) की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी कीमतें बढ़ जाती हैं। भारतीय बाजार इसी वैश्विक ट्रेंड को फॉलो कर रहा है।
2. प्रचंड त्योहारी मांग (Festival Demand)
धनतेरस का दिन खरीदारी के लिए साल का सबसे बड़ा दिन होता है। पूरे देश में, चाहे वह छोटा शहर हो या महानगर, लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार सोने का एक छोटा टुकड़ा या चांदी का सिक्का ज़रूर खरीदते हैं। अचानक आई इस सामूहिक मांग के कारण ही कीमतें ऊपरी स्तरों पर बनी रहती हैं।
3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व और डॉलर का खेल
बाजार में यह उम्मीद भी मजबूत हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व शायद अब ब्याज दरों को बढ़ाने की प्रक्रिया में थोड़ा धीमा पड़ सकता है। जब ब्याज दरें स्थिर होती हैं, तो अमेरिकी डॉलर कमजोर होता है। डॉलर के कमजोर होने का सीधा मतलब है कि सोने की कीमत डॉलर के मुकाबले बढ़ जाती है, जिसका असर भारतीय कीमतों पर भी पड़ता है।
आज धनतेरस पर खरीदारी के शुभ मुहूर्त
हालांकि, आज के दिन पूरे दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ विशेष मुहूर्त हैं जिनमें सोना और चांदी खरीदना अत्यधिक फलदायी हो सकता है:
| विवरण | समय (18 अक्टूबर 2025, शनिवार) | महत्व |
| सुबह का शुभ मुहूर्त | सुबह 07:44 बजे से सुबह 09:10 बजे तक | व्यापारिक वृद्धि और लाभ के लिए उत्तम। |
| दिन का शुभ मुहूर्त | दोपहर 01:30 बजे से दोपहर 02:55 बजे तक | सामान्य खरीदारी के लिए अच्छा समय। |
| प्रदोष काल (सबसे शुभ) | शाम 07:16 बजे से रात 08:20 बजे तक | लक्ष्मी पूजा का समय, धन की स्थिरता के लिए सर्वश्रेष्ठ। |
| वृषभ काल (स्थिर लग्न) | शाम 07:15 बजे से रात 09:11 बजे तक | स्थिरता और लंबे समय तक समृद्धि के लिए बहुत शुभ। |
खरीदारी करते समय क्या करें?
- HUID हॉलमार्क: सोने की शुद्धता के लिए हमेशा HUID (Hallmark Unique Identification) मार्क और बिल की जांच करें।
- अन्य शुभ खरीदारी: सोने-चांदी का बजट न हो, तो भी पीतल या तांबे के बर्तन, साबुत धनिया या झाड़ू (लक्ष्मी का प्रतीक) अवश्य खरीदें।
- खाली न लाएँ: नया बर्तन घर लाते समय उसे चावल या मिठाई से भरकर लाएँ।
- यम दीपदान: शाम को घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में यमराज के नाम का एक दीपक (यम दीपदान) अवश्य जलाएं।
धनतेरस पर धातु खरीदना निवेश से ज़्यादा आस्था का विषय है। कीमतों में उछाल भले ही बना रहे, लेकिन अपनी सामर्थ्य और शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए की गई खरीदारी आपके घर में साल भर सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाएगी।
क्या आप इस धनतेरस पर सोना खरीद रहे हैं या अन्य धातुओं में निवेश कर रहे हैं?


