बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में होंगे — 6 और 11 नवंबर को। वहीं, वोटों की गिनती के बाद नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
एनडीए बनाम महागठबंधन: हाई-वोल्टेज मुकाबला
इस बार चुनाव का असली मुकाबला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए और तेजस्वी यादव की अगुवाई वाले महागठबंधन के बीच माना जा रहा है।
वर्तमान में 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए के पास 131 सीटें हैं, जबकि महागठबंधन के पास 111 सीटें।
चुनाव आयोग की नई पहल
मुख्य चुनाव आयुक्त ग्यानेश कुमार ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस चुनाव में 17 नई पहलें लागू की जाएंगी। इनमें शामिल हैं:
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100% वेबकास्टिंग हर बूथ पर
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मतदाता सूची की सफाई — 22 साल बाद बड़े पैमाने पर अपडेट
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बीएलओ और स्टाफ का मानदेय दोगुना
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पहली बार ERO और AERO को भी मानदेय
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मोबाइल फोन डिपॉजिट काउंटर और EVM पर उम्मीदवार की रंगीन फोटो जैसी सुविधाएँ
पार्टियों की मांग
चुनाव आयोग के दौरे के दौरान कई दलों ने चुनाव छठ पूजा के बाद कराने की मांग रखी।
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जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा, “चुनाव एक ही चरण में और छठ के बाद होने चाहिए ताकि बाहर के लोग भी वोट डाल सकें।”
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने संवेदनशील इलाकों में अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की।
मतदाता संख्या और माहौल
30 सितंबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, इस बार 7.42 करोड़ वोटर हैं, जो जून में दर्ज 7.89 करोड़ से कम है।
एनडीए में बीजेपी 80, जेडीयू 45, हम 4 और 2 निर्दलीय, जबकि महागठबंधन में आरजेडी 77, कांग्रेस 19, माले 11, सीपीएम 2 और सीपीआई 2 सीटों पर काबिज है।
जैसे-जैसे तारीखें नजदीक आ रही हैं, बिहार की राजनीति का पारा चढ़ता जा रहा है और सभी दल मैदान में पूरी ताकत झोंक रहे हैं।


