
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के धैर्य और तकनीक के प्रतीक चेतेश्वर पुजारा ने अपने रिटायरमेंट के बाद पहली बार खुलकर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो सपना देखा था, वो पूरा हो गया है और अब उनके दिल में कोई पछतावा नहीं है।
पुजारा ने खास बातचीत में बताया कि भारतीय टीम के साथ बिताया हर पल उनके लिए खास रहा। उन्होंने खास तौर पर ROKO (राहुल द्रविड़, अजिंक्य रहाणे, कोहली और खुद पुजारा की मिडिल ऑर्डर चौकड़ी) के साथ बिताए पलों को याद किया और बताया कि यह फेज उनके करियर का सुनहरा दौर था।
पुजारा ने कहा, “मैंने जब क्रिकेट की शुरुआत की थी, तब सिर्फ एक सपना था – भारत के लिए खेलना। अब जब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो गर्व होता है कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।”
चेतेश्वर पुजारा का यह बयान उनके फैंस और क्रिकेट प्रेमियों के लिए भावुक कर देने वाला है, जो उन्हें भारतीय टेस्ट क्रिकेट की ‘दीवार’ के रूप में हमेशा याद रखेंगे।

