
एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट का सबसे रोमांचक मुकाबला आज होने जा रहा है—भारत बनाम पाकिस्तान। दोनों टीमों ने अपने पहले मैच में जीत दर्ज कर ली है और अब यह भिड़ंत किसी भी टीम को सीधे सुपर-4 के दरवाजे तक पहुंचा सकती है।
अगर बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग तीनों विभागों को देखा जाए तो भारतीय टीम का पलड़ा भारी दिखता है। भारतीय खिलाड़ी इस समय बेहतरीन फॉर्म में हैं और पाकिस्तान के सामने कहीं ज्यादा संतुलित और मजबूत नजर आते हैं। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि जीत पहले से ही भारत की झोली में है? जवाब है—नहीं।
इस पूरी कहानी में एक ऐसा फैक्टर है जो पाकिस्तान को मुकाबले में वापसी का मौका दे सकता है—और वह है दुबई की पिच। यह पिच स्पिनर्स को मदद देती है, वहीं बैटिंग के दौरान अचानक गिरते विकेट पूरे मैच का रुख बदल सकते हैं। यही कारण है कि यहां किसी भी टीम को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।
इतिहास गवाह है कि भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत हमेशा अप्रत्याशित रही है। अमेरिका में हुए पिछले टी-20 वर्ल्ड कप का ही उदाहरण लें—भारत महज 119 रन बनाने के बावजूद 6 रन से मैच जीत गया था। उस टूर्नामेंट के बाद विराट कोहली, रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा जैसे दिग्गजों ने संन्यास ले लिया, लेकिन भारतीय टीम और मजबूत होकर उभरी। टीम ने तब से अब तक 86% टी-20 मैच जीतकर अपनी ताकत साबित की है।
उधर पाकिस्तान ने बड़े बदलाव करते हुए बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ियों को बाहर कर दिया। लेकिन यह दांव उल्टा पड़ता दिखा, क्योंकि टीम का प्रदर्शन लगातार गिरा और वर्ल्ड कप के बाद से अब तक वे केवल 50% टी-20 मैच ही जीत पाए हैं।
यानी साफ है कि मौजूदा फॉर्म और आंकड़े भारत को आगे दिखाते हैं। फिर भी, दुबई की पिच अगर अचानक करवट ले ले, तो मुकाबले का रोमांच दोगुना हो सकता है। क्रिकेट आखिरकार अनिश्चितताओं का खेल है—और भारत-पाकिस्तान की टक्कर तो हमेशा ही इतिहास रचती है।


