भारत ने वेस्टइंडीज दौरे के पहले टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबानों को एक पारी और 140 रनों के विशाल अंतर से रौंद दिया। यह जीत भारतीय बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन और गेंदबाजों के घातक आक्रमण का एक बेहतरीन मिश्रण थी।
मैच का विवरण:
भारत की इस ऐतिहासिक जीत का आधार उनकी पहली पारी का विशाल स्कोर था। वेस्टइंडीज की टीम पहली पारी में सिर्फ 162/10 (44.1 ओवर) पर सिमट गई थी, जिसमें जस्टिन ग्रीव्स ने सर्वाधिक 32 रन बनाए थे। भारतीय गेंदबाजी में, तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज (4 विकेट) और जसप्रीत बुमराह (3 विकेट) ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया।
भारतीय बल्लेबाज़ों का दबदबा
जवाब में, भारतीय बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और 448/5 घोषित (128 ओवर) का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस पारी में चार बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया:
- विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने 210 गेंदों पर 15 चौकों और 3 छक्कों की मदद से शानदार 125 रन बनाए (स्ट्राइक रेट )।
- के. एल. राहुल ने 197 गेंदों पर 12 चौकों के साथ धैर्यपूर्ण 100 रन बनाए (स्ट्राइक रेट )।
- ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने 176 गेंदों पर 6 चौकों और 5 छक्कों की मदद से 104 रन बनाकर नाबाद रहे (स्ट्राइक रेट )।
- कप्तान शुभमन गिल ने भी 100 गेंदों पर 5 चौके लगाते हुए 50 रन का योगदान दिया (स्ट्राइक रेट )।
वेस्टइंडीज का दूसरी बार पतन
भारत के विशाल स्कोर के जवाब में, वेस्टइंडीज दूसरी पारी में भी संघर्ष करता रहा और केवल 146/10 (45.1 ओवर) पर ऑल आउट हो गया। वेस्टइंडीज के लिए एलिक अथानाजे ने सर्वाधिक 38 रन बनाए। दूसरी पारी में भारतीय स्पिनर रवींद्र जडेजा ने गेंद से भी कमाल दिखाते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद सिराज ने भी 3 विकेट लेकर अपनी धारदार गेंदबाजी जारी रखी।
भारत ने इस तरह एक पारी और 140 रन की बड़ी जीत दर्ज कर श्रृंखला में शानदार शुरुआत की
प्लेयर ऑफ़ द मैच-रवींद्र जडेजा:
हाँ, मैं अपनी बल्लेबाजी पर कड़ी मेहनत कर रहा हूँ। दो महीने के ब्रेक के दौरान, मैंने बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपनी फिटनेस और कौशल पर काम किया।
हाल ही में बल्लेबाजी में मिले सुधार पर उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले मैं नंबर 8 या 9 पर बल्लेबाजी करता था, लेकिन अब मुझे नंबर 6 पर मौका मिला है। इससे मुझे अपनी पारी को गति देने के लिए पर्याप्त समय मिलता है, और मुझे अनावश्यक रूप से जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं होती।
लाल मिट्टी की पिचों पर खेलना मुझे हमेशा पसंद है, क्योंकि एक स्पिनर के तौर पर मुझे अधिक टर्न और उछाल मिलता है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता था कि यह पिच बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के लिए अच्छी होगी।
जडेजा ने कोच, कप्तान और चयनकर्ताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उप-कप्तान होने के नाते वह हमेशा टीम के लिए उपलब्ध हैं और किसी भी सुझाव या आवश्यकता के लिए वह हमेशा तैयार रहते हैं।
स्पिन गेंदबाजी विभाग के लीडर होने के सवाल पर उन्होंने विनम्रतापूर्वक कहा कि वह अभी भी वहाँ नहीं पहुँचे हैं। उन्होंने कहा, “अश्विन थे, मैं कप्तान नहीं हूँ। कुलदीप और सुंदर भी कई मैच खेल चुके हैं। मुझे लगता है कि हर कोई पर्याप्त अनुभवी है और किसी को अनावश्यक सुझाव देने की आवश्यकता नहीं है। हर कोई कड़ी मेहनत कर रहा है और सकारात्मक है।


